मेरा वों सामान
hindi poetry / Poetry

मेरा वों सामान

तो ठीक है तुम चले जाओ, लेकिन मेरा हिसाब पूरा कर जाओ,  मेरा वो सामान लौटा जाओ, वो ख़त मेरे, जो तुमने कभी लिखे नहीं, और मैंने बारहा पढ़े, वो लफज़ जो तुमने कहे नहीं लेकिन मैंने हर रोज़ सुने, वो दिन जब निकली थी तुमसे मिलने, नीला दुपट्टा पहेने, तुम आओगे ये सोचकर खड़ी … Continue reading