जिंदगी कुछ इस तरह से…
hindi poetry / Poetry / Relationship & Stories

जिंदगी कुछ इस तरह से…

जिंदगी कुछ इस तरह से गुलज़ार होती, अगर उस शाम वो हमारे साथ होते , न थिरक्ते यू  हाथ किसी और के हाथ में, न  गुज़रती जिंदगी  किसी और की छाव में , उस शाम दिखाते अगर वो ये जज़्बा यू , लगते न फेरे हमारे किसी और के साथ में, जिंदगी कुछ इस तरह … Continue reading